शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। शिक्षा, प्रतिभा और युवा शक्ति के उत्सव के रूप में श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज द्वारा आयोजित ‘मेधावी सम्मान समारोह-2026’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद एवं आसपास के विभिन्न विद्यालयों के कक्षा 12वीं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। समारोह में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक एवं गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल, डॉ. एससी कुलश्रेष्ठ, शुभ कुलश्रेष्ठ, शौर्य कुलश्रेष्ठ, डॉ. प्रेरणा मित्तल, डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. विनीत कुमार शर्मा तथा डॉ. सुचित्रा त्यागी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत श्री गणेश वंदना से हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं नृत्य प्रदर्शन के माध्यम से अपनी प्रतिभा, अनुशासन, सृजनात्मकता एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि कपिल देव अग्रवाल ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है। वर्तमान समय कौशल, तकनीकी दक्षता और नवाचार का है तथा युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक एवं तकनीकी शिक्षा को भी समान महत्व देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने सपनों को बड़े लक्ष्यों में परिवर्तित कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय उन्हीं युवाओं का होगा जो ज्ञान, कौशल और तकनीक को एक साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।
कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. एससी कुलश्रेष्ठ ने कहा कि शिक्षा केवल उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के विकास एवं सामाजिक उत्तरदायित्वों को समझने की एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति को अपनाने की प्रेरणा दी तथा कहा कि यही गुण उन्हें जीवन में स्थायी सफलता दिलाएंगे। ट्रस्टी शुभ कुलश्रेष्ठ ने कहा कि आज के युवाओं को केवल अवसरों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि स्वयं अवसरों का निर्माण करना सीखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को स्टार्टअप, अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार एवं उद्यमिता जैसे उभरते क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
युवा उद्यमी शौर्य कुलश्रेष्ठ ने कहा कि बदलती हुई दुनिया में सफलता उन्हीं लोगों को प्राप्त होती है जो सीखने की जिज्ञासा को बनाए रखते हैं और चुनौतियों को अवसरों में परिवर्तित करने का साहस रखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक के केवल उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि नवाचार के निर्माता बनने का संदेश दिया। प्रबंधन सलाहकार एवं प्रबंधन बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य डॉ. आरिफ ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में सफलता केवल अकादमिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, समय प्रबंधन एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर सीखने और स्वयं को विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि जो युवा सीखना नहीं छोड़ते, वही भविष्य का नेतृत्व करते हैं। कार्यक्रम का संचालन एसआरजीसी स्टूडेंट एम्बेसडर मिस हुरैन खान एवं बी.टेक छात्रा मिस सिमरन वर्मा द्वारा अत्यंत पेशेवर एवं आत्मविश्वासपूर्ण शैली में किया गया।
इस अवसर पर श्री राम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. अश्वनी कुमार वशिष्ठ ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, डाटा साइंस, रोबोटिक्स, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी एवं एंटरप्रेन्योरशिप का है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें तकनीकी दक्षता, नवाचार एवं उद्योगोन्मुख कौशल भी विकसित करने होंगे। उन्होंने कहा कि आज का मेधावी विद्यार्थी ही कल का वैज्ञानिक, इंजीनियर, शोधकर्ता, प्रबंधक और राष्ट्र निर्माता बनेगा। उन्होंने कहा कि श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार एवं उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
श्री राम कॉलेज की प्राचार्य डॉ. प्रेरणा मित्तल ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान एवं प्रतिभा का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील एवं जागरूक नागरिक का निर्माण करना है। डॉ. सुचित्रा त्यागी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया कार्यक्रम में कॉलेज की सांस्कृतिक कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ऋतु पुंडीर, कहकशा मिर्ज़ा, पिंकी, अंजू त्यागी सहित कॉलेज के सभी विभागाध्यक्षों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




