गंगा तट शुक्रताल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर वन योग कार्यक्रम आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था हेतु योग थीम के अंतर्गत आज प्रातः सामाजिक वानिकी प्रभाग द्वारा मोरना रेंज के अंतर्गत पावन तीर्थस्थल क्षेत्र में गंगा नदी के तट पर वन योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। प्राकृतिक वातावरण, स्वच्छ वायु एवं गंगा तट की रमणीयता के मध्य आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों, वन विभाग के अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारम्भ सामूहिक योगाभ्यास से हुआ। योग सत्र के दौरान योग के महत्व, अष्टांग योग की अवधारणा तथा स्वस्थ जीवन शैली में योग की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को योग के प्रमुख सिद्धांतों एवं प्रेरणादायक श्लोकों के माध्यम से योग के वास्तविक स्वरूप से परिचित कराया गया।

वन विभाग द्वारा आयोजित वन योग कार्यक्रम में प्रकृति एवं वन्यजीवों से प्रेरित विशेष योगासनों का अभ्यास कराया गया, जिनमें वृक्षासन, व्याघ्रासन, मंडूकासन, भुजंगासन, मकरासन, गरुड़ासन एवं ताड़ासन प्रमुख रहे। उपस्थित योगाचार्यों एवं आयुष विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय एवं ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में मण्डलायुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग अभिनव राज, उपजिलाधिकारी व तहसीलदार जानसठ, आयुष विभाग के चिकित्सक, जिला गंगा समिति के जिला परियोजना अधिकारी, वन क्षेत्र अधिकारी मोरना, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, शिक्षक, विद्यार्थी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अभिनव राज द्वारा गंगा तट पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग एवं वृक्ष दोनों ही मानव जीवन को स्वस्थ एवं संतुलित बनाने के आधार हैं। उन्होंने कहा कि योग जहां मनुष्य के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, वहीं वृक्ष पृथ्वी के पर्यावरणीय संतुलन एवं जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान वन योग की अवधारणा को विशेष रूप से रेखांकित किया गया, जिसमें वन, वन्यजीव, जल एवं मानव स्वास्थ्य के परस्पर संबंधों को समझाया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ समाज एवं स्वस्थ पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा योग एवं प्रकृति संरक्षण के माध्यम से ही सतत विकास के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। अंत में सभी प्रतिभागियों द्वारा स्वस्थ जीवन, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण एवं वन्यजीव संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विकास खण्ड पुरकाजी में खण्ड विकास अधिकारी ओमकार सिंह के नेतृत्व मे समस्त स्टाफ ने योग दिवस मे प्रतिभाग किया। योग प्रशिक्षक जेके मैनवाल द्वारा सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनो के विषय मे विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

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