मोदी-योगी के नेतृत्व में एनडीए गठबंधन में सहज और उत्साहित है रालोद, कम-ज्यादा सीटों से संबंधों पर नहीं आएगी आंच

सुरेंद्र सिंघल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सियासी रूप से जागरूक इलाका नई उम्मीदों और उत्साह के साथ चुनाव में भाग लेकर अपनी राय व्यक्त करेगा। एनडीए का प्रमुख घटक राष्ट्रीय लोकदल जयंत चौधरी की अगुवाई में बूथ स्तर तक अपने संगठन को मुश्तैद करने में लगा है। योगी सरकार में काबिना मंत्री और रालोद का दलित चेहरे अनिल कुमार ने बताया कि हम पूरे प्रदेश में भाजपा उम्मीदवारों को जिताने का काम पूरी निष्ठा और ताकत से करेंगे। चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजीत सिंह के साथ सहयोगी के रूप में काम कर चुके हाल ही में जयंत चौधरी के साथ आए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासत के जानकार केसी त्यागी ने कहा कि सीटों पर बातचीत चलेगी। जमीनी हकीकत के आधार पर सीटों का आवंटन और उम्मीदवारों का चयन होगा। रालोद कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा अभी बिल्कुल भी तय नहीं है। पश्चिम के वरिष्ठ पत्रकार रहे और अब भाजपा प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कहा कि गठबंधन ठीक से काम कर रहा है। उत्तर प्रदेश की जनता देश में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार करती है तो वह चाहती है कि फिर से तीसरी बार योगी आदित्यनाथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें। काबिना मंत्री अनिल कुमार दो-टूक कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर संदेश दिया कि वह उनकी नीतियों और दर्शन को स्वीकार करते हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों के सबसे बड़े शुभचिंतक है। गांव और किसान की खुशहाली हेतु हरसंभव कदम उठा रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में रालोद ने सपा गठबंधन में 33 सीटों पर चुनाव लड़ा था और मात्र 8 सीटों पर जीत हुई थी। लेकिन मुजफ्फरनगर जनपद की शहरी सीट (राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल अग्रवाल) को छोड़कर गठबंधन शामली की तीनों और मुजफ्फरनगर की खतौली को छोड़कर सभी सीटों पर चुनाव जीता था। खतौली सीट पर बाद में उपचुनाव में रालोद के मदन भैय्या चुनाव जीते थे। 
रालोद के पास वर्तमान में शिवालखास (मेरठ) से गुलाम मोहम्मद, छपरौली (बागपत) से डा. अजय कुमार, शामली से प्रसन्न कुमार और इसी जिले की थानाभवन सीट से अशरफ अली, पुरकाजी (मुजफ्फरनगर) से कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, मीरापुर से रालोद टिकट पर भाजपा की मिथलेश पाल उपचुनाव में जीती थीं। बुढ़ाना से राजपाल बालियान विधायक हैं। सादाबाद (हाथरस) से प्रदीप कुमार सिंह रालोद विधायक हैं। जयंत चौधरी राज्यसभा सदस्य हैं। चंदन चौहान (बिजनौर) और डा. राजकुमार सांगवान लोकसभा सदस्य हैं। एक एमएलसी योगेश (नौवाल) मथुरा भी रालोद में हैं। अनिल कुमार का दावा है कि रालोद की तैयारियां ऐसी हैं कि उसकी जीत की दर शत-प्रतिशत रहेगी। अनिल कुमार कहते हैं भाजपा-रालोद गठबंधन में सब कुछ बहुत ही अच्छा चल रहा है। उनका मानना है कि उसके सभी मौजूदा विधायकों को फिर से उम्मीदवार बनाया जाएगा। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक भाजपा उन्हीं सीटों को रालोद के लिए छोड़ेगी जहां रालोद की जीत की संभावना प्रबल होगी। आम चर्चाओं के मुताबिक रालोद कम से कम 25 सीटें चाहेगा और 15-16 सीटों तक भाजपा उसके लिए छोड़ सकती है। केसी त्यागी कहते हैं कि सर्वे से ही जमीनी हकीकत का पता चलेगा। उन्होंने कहा कि रालोद के किसी भी सूरत में सपा गठबंधन में लौटने की संभावना नहीं है। एक विश्वसनीय सूत्र के मुताबिक पूर्व गन्ना मंत्री और पश्चिम के राजपूतों का प्रमुख चेहरा माने जाने वाले सुरेश राणा थानाभवन सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। उन्हें पिछली बार 96 हजार वोट मिले थे लेकिन जाट-मुस्लिम समीकरण के कारण वह जीत नहीं पाए थे जबकि 2017 के विधानसभा चुनाव में वह 91 हजार वोट लेकर जीत गए थे। पूर्व कुलपति एवं पूर्व आईपीएस और पश्चिम की सियासत के जानकार डा. अशोक कुमार राघव कहते हैं कि चौधरी चरण सिंह ऐसे अकेले नेता थे जिन्हें पश्चिम के लोगों के मिजाज की सबसे अच्छी परख थी। वीपी सिंह, चंद्रशेखर, राजनाथ सिंह और कल्याण सिंह भी चरण सिंह जैसी पश्चिम की समझ नहीं रखते थे। रालोद के एक नेता का कहना था कि रालोद उत्तर प्रदेश में तेजी से अपना जनाधार बढ़ा रहा है और उसकी लोकप्रियता जाट बहुल क्षेत्रों से आगे निकल गई है। रालोद चौधरी चरण सिंह, चौधरी अजीत सिंह की विरासत का प्रतिनिधित्व करता है और उसकी योजना राजनीतिक मंच पर अलग पहचान बनाने की है। वह अपने पूर्व के जाट-मुस्लिम गठबंधन के साथ अपने संगठन को नए सिरे से आकार दे रहा है। इससे उसकी चुनाव में जीत की संभावना प्रबल होगी और वह अपने सहयोगी दल भाजपा को भरपूर सहयोग प्रदान करने की स्थिति में होगा। भाजपा ने जाट बिरादरी के अपने प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को हटाकर वापस मंत्रिपरिषद में भेज दिया है। भाजपा पश्चिम प्रांत का अध्यक्ष वैश्य या अन्य किसी ओर बिरादरी का बनाने पर विचार कर रही है। जाहिर है जाट समर्थन पर उसका पूरा दरोमदार केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पर रहेगा।
राजनीतिक विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार देवबन्द, जनपद-सहारनपुर, उत्तर प्रदेश

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