योग दिवस पर दीवानी न्यायालय में विधिक साक्षरता व योग शिविर आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष बीरेन्द्र कुमार सिंह के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दीवानी न्यायालय में योग दिवस पर विधिक साक्षरता व योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद न्यायाधीश बीरेन्द्र कुमार सिंह के द्वारा बताया गया कि योग व्यायाम का ऐसा प्रभावशाली प्रकार है, जिसके माध्याम से न केवल शरीर के अंगों बल्कि मन, मस्तिक और आत्मा में संतुलन बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि योग से शारीरिक व्याधियो के अलावा मानसिक समस्याओ से भी निजात पाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृति के युग से हुई है, जिसका मतलब होता है, आत्मा का सार्वभौमिक चेतना से मिलन। 

उन्होंने कहा कि योग लगभग दस हजार साल से भी अधिक समय से अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वैदिक संहिताओं के अनुसार तपस्वियो के बारे में प्राचीन काल से ही वेदो में इस का उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि इस बार अन्र्त्तराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम स्वस्थ आयु के लिये योग है। उन्होंने कहा कि यह थीम इस बात पर जोर देती है कि योग केवल फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बढ़ती उम्र के साथ भी शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय, स्वस्थ और आत्मनिर्भर रहने का एक बेहतरीन माध्यम है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ० सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि यह भारत वसियो के लिए बड़े ही गर्व का विषय है, कि मन ओर शरीर को फिट रखने के लिए हमारी प्राचीन कला स्वीकार की गई और दुनिया भर में इसकी सराहना की गई है। उन्होंने कहा कि भारत कई तरह से खजानों का देश है और हम दुनिया के साथ उन से सबसे अच्छे खजानों में से एक को साझा करतें हुए बहुत प्रसन्न है। उन्होंने कहा कि अंतराष्ट्रीय योग दिवस लोग बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनातें है, इस दिन का नजारा कुछ अलग ही होता है। उन्होंने कहा कि जहाँ देखो वहीं लोग अलग अलग शिविर लगाए योग की मुद्रा में दिखाई देते है, यही हमारे भारत वसियों के लिए बड़े ही गर्व की बात है।

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