ध्यान (ध्यान दिवस पर विशेष)

डॉ. दशरथ मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।
छोटी - छोटी बातें,छोटी सी मुलाकातें।
छोटी सी मुस्कान,मिटा देती थकान।
छोटे-छोटे सद्कार्य बना देते हैं महान।
छोटा सा स्वाभिमान,करा देता बड़ा सम्मान।
छोटा सा अभिमान,चाहे छोटा हो अरमान। 
बिगाड़ देता सारे काम,कर देता है बदनाम ।
हमारे छोटे-छोटे प्रयास बना देते हैं हमें खास।
छोटी सी बीमारी या,छोटी सी हो खुमारी।
छोटा ही क्यों न हो जुआरी, तबाह कर लेता जिंदगी सारी।
यही वह छोटी-छोटी बातें हैं, 
जो जिंदगी में रंग भर देती है।
और संभल के नहीं चलो तो,
जीवन बेरंग भी कर देती है।
हम अपना बड़प्पन छोड़
कभी कभी बच्चें बन जाएं,
दिल के साफ मन से सदा सच्चे बन जाएं।
अच्छे तो हम स्वत: ही एक दिन सिद्ध हो जाएंगे।
कवि तो छोटा सा व्यक्ति है छोटी-छोटी अभिव्यक्ति हैं।
आप सभी के सानिध्य से ही छोटी सी कविता में शक्ति है।
बस थोड़ा सा ध्यान कीजिए सभी का  सम्मान कीजिए।
आज ध्यान दिवस है फिर भी हम नीरस हैं।
सांसों को आते-जाते देखो अपनी इन्द्रियों को लेखो।
पल दो पल ही सही बस शुरुआत कीजिए 
और अपने हिय में बैठे प्रभु दर्शन लाभ लीजिए। 
अपने अंदर झांकिये फिर अपने को आंकिये।
दरबार कोठी 23, गवलीपुरा आगर, (मालवा) मध्यप्रदेश

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