सुरेंद्र सिंघल, नई दिल्ली। भारतीय राजनेता केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री जो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को भी सुशोभित कर चुके हैं। ऐसे नितिन गड़करी ने कहा कि आज भारतीय राजनीति में वैचारिक भिन्नता का नहीं बल्कि विचार शून्यता का संकट मौजूद है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पिछले पांच-छह दशकों के दौरान भारत में अटल बिहारी वाजपेयी जैसा भविष्यदृष्टा, विराट व्यक्तित्व का धनी, धैर्यवान, सुयोग्य, भारतीय जनता के दिलों पर अमिट छाप छोड़ने वाला प्रखर राष्ट्रवादी और महान औजस्वी वक्ता जैसे दुर्लभ गुणों से संपन्न राजनेता नहीं हुआ है। उन्होंने दो सांसदों वाली पार्टी को अपने संगठन कौशल, टीम वर्क, राजनीतिक चातुर्य की ताकत पर देश पर राज करने वाली पार्टी बना दिया। देश में संघ और भाजपा के ही नहीं बल्कि सभी दलों के लोग अटल बिहारी वाजपेयी का सम्मान करते थे।
नितिन गड़करी बीती रात इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भारत के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक और अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व के छह वर्षों के कार्यकाल के दौरान उनके प्रेस सचिव रहे अशोक टंडन की पुस्तक अटल संस्मरण का लोकार्पण कर रहे थे। उन्होंने इस पुस्तक की सराहना की और इसे प्रबुद्ध पाठकों के लिए आवश्यक रूप से पठनीय बताया। उन्होंने कहा कि अशोक टंडन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निकट संपर्क में रहे और उन्होंने गरिमापूर्ण तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन किया और अपने पद की लक्ष्मणरेखा पार नहीं की। नितिन गड़करी ने कहा कि उन्हें श्री वाजपेयी से बहुत कुछ सीखने को मिला। उनका व्यक्तित्व जादुई आकर्षक था और वह उनसे मिलने आने वाले लोगों पर अपना गहरा प्रभाव छोड़ते थे। उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में भारतीय लोकतंत्र की महान परंपराओं और सिद्धांतों का ना केवल पालन किया बल्कि लोकतंत्र के आधारभूत स्तंभ को बहुत ताकत प्रदान की। यह अटल बिहारी वाजपेयी ही थे जिनके योगदान और मार्गदर्शन के चलते 2014 में भाजपा अपने बूते पूर्ण बहुमत प्राप्त कर सकी और 2014 से लगातार सत्ता में बनी हुई है।
देश के प्रमुख टीवी चैनल इंडिया टीवी के चेयरमैन और प्रधान संपादक एवं अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह समिति के सदस्य रजत शर्मा ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर कहा कि उनको अनेकों बार वाजपेयी जी के संपर्क में आने का मौका मिला और जब वह पहली बार प्रधानमंत्री बने उसके बाद वह आपकी अदालत में गए थे और उसके बाद उनका वाजपेयी जी से गहरा नाता बन गया था। उन्होंने भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के शताब्दी वर्ष में उनके अद्वितीय एवं अनुकरणीय व्यक्तित्व को शत-शत नमन किया। पुस्तक के लेखक और देश के अति सम्मानित लोकप्रिय पत्रकार अशोक टंडन ने कहा कि मैं अपनी पुस्तक के द्वारा महामानव वाजपयी जी को उनके श्रीचरणों में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक छोटा सा प्रयास कर रहा हूं। अटल संस्मरण में उनके द्वारा जो बातें लिखी गई हैं वह अटल जी के विराट व्यक्तित्व को श्रद्धा के साथ छूने का एक प्रयास है। ये केवल यादें नहीं, प्रेरणाएं हैं। उन सभी के जो सार्वजनिक जीवन में सुचिता, संवेदनशीलता और विचारशीलता को साधन मानते हैं।
पुस्तक के प्रकाशक प्रभात प्रकाशन के स्वामी प्रभात कुमार एवं पीयूष कुमार ने केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा एवं इस समारोह में आए सभी अतिथिगणों का दिल की गहराइयों से अभिनंदन किया और समारोह में पधारने पर उनका बहुत आभार जताया। प्रभात कुमार ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि कभी अटल बिहारी वाजपयी के प्रधानमंत्री के आवास में उनके प्रकाशन संस्थान द्वारा प्रकाशित अनेक पुस्तकों का लोकार्पण हुआ है। वाजपेयी का उनके परिवार और संस्थान को हमेशा भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल, श्री अमरनाथ जी प्रशासनिक महाप्रबंधक इंडिया हैवीटेड सेंटर एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली प्रांत के संपर्क टोली में शामिल अरूण कुमार पांडे फोरेंसिक एक्सपर्ट, दीपक रथ पत्रकार उदय इंडिया, भाजपा के वरिष्ठ विधायक सतीश उपाध्याय, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम जाजू जी, इंडियन एक्सप्रेस के श्यामलाल यादव, वरिष्ठ पत्रकार जैसे हिंदुस्तान टाइम्स के राजनीतिक सलाहकार विनोद शर्मा, दिल्ली भाजपा पिछड़ा वर्ग के प्रभारी जयप्रकाश तोमर, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सिंघल समेत 200 से ज्यादा प्रमुख हस्तियां शामिल रहीं।
