संपत्ति व उत्तराधिकार नियोजन दिल से – विल पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मदन सुमित्रा सिंघल, शिलचर। समाज के परिवारों में उत्तराधिकार नियोजन और समुचित संपत्ति वितरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और जागरूकता हेतु तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम, सिलचर और मारवाड़ी युवा मंच “सिलचर टाइटन्स” के संयुक्त प्रयासों से नीर बैंक्वेट, सदरघाट में “दिल से – विल” विषयक ज्ञानवर्धक और संवादात्मक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने संपत्ति के भविष्य सुरक्षा हेतु ‘विल’ और उत्तराधिकार के सटीक प्रबंधन जैसे जटिल लेकिन अत्यंत आवश्यक विषय को हर परिवार की समझ के दायरे में लाने का प्रयास किया। नवकार मंत्र के शुद्ध उच्चारण और शांति के संचार के साथ आरंभ हुआ। समूह द्वारा प्रस्तुत नवकार मंत्र ने उपस्थितजनों के मन और विचारों को सकारात्मक ऊर्जा से प्रज्ज्वलित किया।

तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के अध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार पटवारी ने बताया कि फोरम शिक्षा, समाज उन्नयन, प्रोफेशनल दक्षता, नेटवर्किंग, एवं परामर्श के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाता है। इसके बाद मारवाड़ी युवा मंच सिलचर टाइटन्स के अध्यक्ष अमित बड़िया ने कहा कि अक्सर संपत्ति के अभाव से नहीं, बल्कि संपत्ति के गलत बंटवारे से परिवारों में दरार आती है। यदि समय रहते नियोजन हो, तो कई सामाजिक, आर्थिक और भावनात्मक समस्याओं से बचा जा सकता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) की केंद्रीय परिषद के सदस्य सीए रवि पटवा उपस्थित रहे।

सीए रवि पटवा ने कहा कि भारतीय समाज में आज भी “विल” बनाना मृत्यु के भय अथवा आपसी अविश्वास से जोड़ दिया जाता है, जबकि सच तो यह है कि यह अपने परिजनों को कानूनी, सामाजिक एवं भावनात्मक सुरक्षा देने वाली जिम्मेदारी है, जिसे हर किसी को निभाना चाहिए। कार्यक्रम के विशेषज्ञ वक्ता के रूप में डॉ. पारस कोचर ने स्पष्ट किया कि कैसे एक साधारण व्यक्ति अपनी संपत्ति को विधिसम्मत तरीके से अपने इच्छित उत्तराधिकारियों, अपने आश्रितों अथवा समाज कल्याण के लिए बिना विवाद के हस्तांतरित कर सकता है।

डॉ. पारस कोचर ने बतायाकि इनकम टैक्स, संपत्ति कानून और उत्तराधिकार अधिनियम के प्रावधानों को जानना जरूरी है, ताकि बाद में संपत्ति को लेकर झगड़े, अपरिपक्वता या कानूनी पेंच से बचा जा सके। परिवार के कल्याण की दृष्टि से हर व्यक्ति को चाहिए कि समय रहते अपनी विल बनाए और उसमें समाजसेवा के कार्य को कुछ स्थान दे। ईस्ट जोन-1 के अध्यक्ष तथा टीपीएफ के सदस्य सीए प्रवीण कुमार सिरोहिया ने कहा कि समाज सेवा तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम का मूलधर्म है। उन्होंने बताया कि किस तरह सदस्य समाज के भले के लिए अपने समय, ज्ञान व संसाधनों का उपयोग करते हैं। प्रसन सुराना ने 'परियोजना परामर्श' की जानकारी साझा करते हुए जोर दिया।
सत्र का संचालन और व्यवस्थापन नेहा जैन एवं सीए नीलम सेठिया ने किया। 
सिलचर टाइटन्स की सचिव सोनम जैन ने सभी विशिष्ट अतिथियों, सत्राध्यक्ष एवं मुख्य वक्ता को धन्यवाद ज्ञापित किया। सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।

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