जीएसटी छापों में पकड़ी गई 75 लाख की चोरी

गौरव सिंघल, सहारनपुर। राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त सत्यपाल सिंह ने आज बताया कि विभागीय टीमों द्वारा मंडल के चार प्रतिष्ठानों पर छापेमारी में करीब 75 लाख रूपए की कर चोरी सामने आई है। उन्होंने बताया कि विभागीय छापेमारी के सातवें दिन जीएसटी की टीमों ने देवबंद, थानाभवन और मुजफ्फरनगर में छापेमारी की थी। उन्होंने बताया कि देवबंद में एक टिंबर संस्थान पर किए गए सर्वे में पाया गया कि फर्म ने अपने रिकार्ड में कोई कारोबार होता नहीं दिखाया हैं। इसके बावजूद इस फर्म द्वारा 10 लाख रूपए की आईटीसी दूसरी फर्मों को दी गई थी। इस प्रतिष्ठान का जीएसटी रजिस्टेशन रद्द किया जा रहा है। देवबंद में मजनू वाला रोड़ पर स्थित एक हार्डवेयर कारोबारी के यहां बिना हिसाब- किताब का डेढ़ लाख रूपए का माल पाया गया और इस फर्म ने एक वर्ष के दौरान कोई भी जीएसटी अदा नहीं किया। थाना भवन में एक स्टील प्रतिष्ठान पर 50 लाख रूपए के टर्न ओवर का टैक्स चोरी पाई गई। इस फर्म से करीब 10 लाख रूपए का कर प्राप्त होने की संभावना है। 

जनपद में व्यापारियों ने जीएसटी की लगातार छापेमारी पर रोष जताया और बड़ी संख्या में व्यापारिक संगठनों ने भाजपा के पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा के आवास पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन देकर जीएसटी की सर्वे की कार्रवाईयों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शीतल टंडन ने आज बयान दिया कि यदि जीएसटी की छापेमारी नहीं रूकती तो व्यापारी बड़ा आंदोलन करेंगे। उनके साथ राजीव अग्रवाल, रमेश डाबर, संदीप सिंघल, बलदेवराज, अशोक मलिक आदि मौजूद रहे। 

राजेंद्र गुप्ता, कृष्ण लाल ठक्कर, आरके मल्होत्रा, मदन लांबा, अनुज अग्रवाल, सरदार पुरषोत्तम सिंह, मुकेश दत्ता, अनुज अग्रवाल, सुधीर मिगलानी आदि सैकड़ों व्यापारी राघव लखनपाल के यहां हुए प्रदर्शन में शामिल रहे। व्यापारी नेताओं का यह भी कहना था कि छापेमारी नहीं रूकी तो नगर निकाय चुनावों में भाजपा को इसका भारी खामियाजा उठाना पड़ेगा क्योंकि व्यापारी तबका ही भाजपा का मुख्य मतदाता है।

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