संदीप वत्स, मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने विकास भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि व्यापारियों द्वारा रखी गयी अपनी समस्याओं पर बोलते हुए कहा कि सरकार ने व्यापारियों को जीएसटी मामले में बहुत राहत दी है। सरकार ने पूर्व में जो निर्णय लिया था उसे बदलकर अब ऐसा प्राविधान किया गया है जो व्यापारी के हित में है। अब बिना ठोस आधार के व्यापारियों का उत्पीडन नहीं होगा। सबसे पहले जीएसटी मामले में व्यापारी की जांच की जायेगी जांच के बाद ही मुकदमा कायम होगा। शुरू में कोई गिरफ्तारी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों को भी इससे बहुत राहत मिलेगी। मंत्री कपिलदेव ने कहा कि पूर्व की सरकारों में व्यापारियों का बहुत उत्पीडन होता था। वे बिल के नाम पर अधिकारी उत्पीडन करते थे उस समय अधिकारियों की नजर में व्यापारी सोने की मुर्गी था उसे जब चाहो अंडा ले लो लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार व्यापारियों की समस्याआंे को समझती है और उसका प्राथमिकता के आधार पर हल करती है।
कपिलदेव अग्रवाल ने कहा जीएसटी परिषद ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जीएसटी के तहत गिरफ्तारी के प्रावधानों को पूरी तरह से हटाने (धारा 69 को निरस्त करने) की सिफारिश की है। उन्होंने बताया कि मुकदमेबाजी सीमा में वृद्धिः कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मौद्रिक सीमा को 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ करने की सिफारिश की गई है। उन्होंने बताया कि धारा 125 के तहत अधिकतम सामान्य जुर्माने को 25,000 से घटकर 10,000 करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि यदि टैक्स की राशि 10,000 से कम है, तो कोई कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केवल जुर्माने वाले मामलों में अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष अपील के लिए, पूर्व-जमा राशि पर 40 करोड़ की ऊपरी सीमा तय की गई है। उन्होंने बताया कि 5 करोड़ तक के वार्षिक कारोबार वाले छोटे व्यवसायियों को देय महीने के अंत तक रिटर्न दाखिल करने पर विलंब शुल्क से छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि छोटे विक्रेता जो अन्य राज्यों में बिना भौतिक उपस्थिति के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से माल बेचना चाहते हैं, उनके लिए सरलीकृत और स्वचालित पंजीकरण तंत्र (नियम 14बी) को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि 5 करोड़ तक के कारोबार वाले और विशेष रूप से उपभोक्ताओं को आपूर्ति करने वाले छोटे व्यवसायों के लिए वार्षिक/त्रैमासिक भुगतान योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए पोर्टल पर ड्रॉप-बॉक्स सुविधा और प्रधान व्यवसाय स्थल को छोड़कर अन्य विवरणों में बदलाव स्वतः स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि देयता और इनपुट टैक्स क्रेडिट की विसंगतियों को कम करने के लिए, चालान रिकलेम स्टेटमेंट जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, जिन्हें अप्रैल 2027 से लागू करने की सिफारिश की गई है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में अतिरिक्त राशि का रिफंड बिना मानवीय हस्तक्षेप के सिस्टम द्वारा स्वचालित रूप से स्वीकृत होगा। रिफंड आवेदन की पावती की समय सीमा 15 दिन से घटकर 10 दिन की गई है। उन्होंने बताया कि साइलियम बीजों (इसबगोल) की आपूर्ति पर शून्य जीएसटी दर निर्धारित की गई है। री-ट्रेड ट्रैक्टर टायरों पर दर को नए ट्रैक्टर टायरों के अनुरूप किया गया है।
इस दौरान सभी संगठनों के फैडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कामर्स के अलावा विभिन्न व्यापार संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रेेसवार्ता में पूर्व विधायक अशोक कंसल, उद्योगपति भीमसैन कंसल, व्यापारी नेता संजय मित्तल, कृष्णगोपाल मित्तल, राकेश त्यागी, जगमोहन गोयल सहित राजेश जैन एवं उद्योगपति तथा व्यापारी मौजूद रहे।

