भारतीय डाक विभाग के तत्वाधान में धरती माँ के नाम एक पत्र: प्रकृति की रक्षा का मेरा संकल्प विषय पर ढाई आखर राष्ट्रीय पत्र-लेखन प्रतियोगिता आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, अहमदाबाद। भारतीय डाक विभाग द्वारा नई पीढ़ी में पत्र लेखन की समृद्ध परंपरा को विकसित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर की पत्र लेखन प्रतियोगिता 'ढाई आखर' का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता, मौलिक सोच और भावनाओं को शब्दों के माध्यम से प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है। साथ ही यह युवा पीढ़ी को भारतीय डाक और फिलेटली से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल भी है। पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में धरती माँ के नाम एक पत्र: प्रकृति की रक्षा का मेरा संकल्प” विषय पर प्रतिभागियों को अपने विचारों को व्यक्त करते हुए एक पत्र लिखना होगा, जिसे चीफ पोस्टमास्टर जनरल, गुजरात परिमंडल, अहमदाबाद-380001 को संबोधित करना है। इस प्रतियोगिता में पत्र चुने जाने पर पाँच हजार से पचास हजार रूपये तक का पुरस्कार भी मिलेगा। इसके लिए विभिन्न स्कूल-कॉलेज डाक विभाग के साथ मिलकर अपने यहाँ पर आयोजन कर सकते हैं। इसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर है।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इस 'ढाई आखर' पत्र लेखन प्रतियोगिता में किसी भी उम्र के लोग भाग ले सकते हैं। पहला वर्ग 18 वर्ष तक तथा दूसरा 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग का होगा। पत्र डाक विभाग द्वारा जारी अंतर्देशीय पत्र अथवा लिफाफे में ही स्वीकार्य होगा, जिसमें क्रमशः 500 और 1,000 शब्दों में अंग्रेजी, हिन्दी अथवा स्थानीय भाषा में हाथ से पत्र लिखा जा सकता है। पत्र में अपना पूरा नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और विद्यालय के नाम सहित संबंधित परिमंडल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल के पते पर 1 अगस्त से 31 अक्टूबर, 2026 के मध्य भेजना होगा।
पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि प्रतियोगिता के विजेताओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तरों पर विभिन्न 4 श्रेणियों में तीन-तीन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इनमें परिमंडलीय (राज्य) स्तर पर चयनित श्रेष्ठ पत्रों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में क्रमश: 25 हजार, 10 हजार व 5 हजार रूपए का पुरस्कार दिया जायेगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित श्रेष्ठ पत्रों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में क्रमश: 50 हजार, 25 हजार व 10 हजार रूपए का पुरस्कार दिया जायेगा। कुल मिलाकर पूरे देश में 40 लाख 20 हजार रूपये के पुरस्कार विजेताओं को दिए जायेंगे। इस संबंध में ज्यादा जानकारी के लिए विभिन्न मंडलों के अधीक्षक और प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर से संपर्क किया जा सकता है।
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि आज के डिजिटल युग में, जहाँ संचार के साधन अत्यंत तेज़ और तात्कालिक हो गए हैं, वहीं हस्तलिखित पत्रों की आत्मीयता, संवेदनशीलता और भावनात्मक गरिमा आज भी अप्रतिम है। चिट्ठियाँ या पत्र केवल शब्दों का संग्रह नहीं होता, बल्कि उसमें भावनाएँ, स्मृतियाँ, रिश्तों की ऊष्मा और मानवीय संवेदनाएँ समाहित होती हैं, जो समय बीत जाने के बाद भी मन को उसी आत्मीयता से स्पर्श करती हैं। हैं। 'ढाई आखर' एक राष्ट्रीय स्तर की पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं में रचनात्मकता, मौलिकता व आत्म-अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करके उन्हें डाक और फिलेटली से पुनः परिचित कराना है। यह जन सामान्य के लिए उनके लेखन कौशल और प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक मंच भी है। ‘ढाई आखर’ अभियान शब्दों के माध्यम से भावनाओं को अभिव्यक्ति देने, मानवीय रिश्तों को सशक्त बनाने और नई पीढ़ी में सृजनात्मक लेखन के प्रति रुचि जागृत करने का एक राष्ट्रीय अभियान है। यह पहल पत्र लेखन की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के साथ-साथ विचारों, संवेदनाओं और संस्कारों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाने का सार्थक माध्यम भी है।

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