एसडी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में महिला सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। एसडी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के बीसीए विभाग द्वारा विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता, तार्किक चिंतन, अभिव्यक्ति कौशल एवं आत्मविश्वास विकसित करने के उद्देश्य से महिला सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण विषय पर एक विशेष वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संदीप मित्तल तथा बीसीए विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव तायल द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विषय के पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत करते हुए महिला सुरक्षा, सम्मान, समानता और सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न सामाजिक एवं समकालीन पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए । 

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को विभिन्न टीमों में विभाजित किया गया। टीम ए को नकारात्मक पक्ष का प्रतिनिधित्व करने का दायित्व दिया गया, जिसका नेतृत्व दृष्टि ने किया। टीम में दीक्षा धीमान, बृजांशी, खुशी पुंडीर एवं चंदन ने प्रतिभाग किया। टीम बी, सकारात्मक पक्ष की शक्ति टीम का नेतृत्व प्रिंस ने किया। टीम के अन्य सदस्यों में हर्षिता, अंशिका, नीति, तनु एवं सोनी शामिल रहीं। टीम सी, सकारात्मक पक्ष की उन्नति टीम, का नेतृत्व वेदिका ने किया। टीम में सहज, गौरी, रितिका, लावी एवं आयुषी ने अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं टीम डी, सकारात्मक पक्ष की अग्नि टीम का नेतृत्व नेहा ने किया। टीम के सदस्यों में निहारिका रानी, नंदिनी, वृधि, अपूर्वा एवं वंशिका दुबे शामिल रहीं ।प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने आवाज उनकी है, मुद्दा हम सबका- महिलाओं की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विचारों को सामने रखते हुए महिला सुरक्षा को केवल महिलाओं का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि सुरक्षित नारी ही सुरक्षित समाज की आधारशिला है । प्रतिभागियों ने महिला सम्मान, शिक्षा, आत्मनिर्भरता, समान अवसर, कानूनी अधिकार तथा सामाजिक जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए। 

इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. संदीप मित्तल ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान एक सभ्य और विकसित समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, समान अवसर और आत्मनिर्भरता प्रदान करना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सामाजिक मुद्दों पर जागरूक रहने तथा सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनने के लिए प्रेरित किया। बीसीए विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव तायल ने कहा कि वाद-विवाद जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में तार्किक एवं आलोचनात्मक चिंतन विकसित करने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व और अभिव्यक्ति कौशल को मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण जैसे विषयों पर युवाओं की सक्रिय भागीदारी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है । 

कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम समन्वयक चन्दना दीक्षित के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर विशेष अतिथि रितु मित्तल उपस्थित रही। प्रतियोगिता के निर्णायक हिमांशु शर्मा, अनुज काकरान एवं अनुज गोयल द्वारा प्रतिभागियों के तर्क, विषय की समझ, प्रस्तुतीकरण, अभिव्यक्ति कौशल एवं आत्मविश्वास के आधार पर स्थान प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में अग्नि टीम ने प्रथम स्थान, अवनी ने द्वितीय स्थान तथा शक्ति टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी विजेताओं को बधाई दी गई तथा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को उनकी सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। 

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