सुरेंद्र सिंघल/गौरव सिंघल, सहारनपुर। प्रदेश में गन्ने की पैदावार में सहारनपुर मंडल पहले स्थान पर रहा है। सहारनपुर मंडल के गन्ना उपायुक्त ओमप्रकाश सिंह ने आज बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की गन्ना पट्टी पूर्वी उत्तर प्रदेश की तुलना में 40-45 फीसद गन्ना उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने अपने सहारनपुर मंडल की जानकारी देते हुए बताया कि सहारनपुर के शामली जनपद ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। वर्ष 2025-26 में शामली ने प्रति हेक्टेयर 969.12 क्विंटल गन्ने का उत्पादन किया। इसी मंडल के मुजफ्फरनगर जनपद ने 900.96 क्विंटल प्रति क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन किया।
गन्ना उपायुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि मंडल का शामली क्षेत्र लगातार आठवें वर्ष गन्ना उत्पादन में पहले स्थान पर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर जिले में गन्ना उत्पादन 825 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में गन्ना का औसत उत्पादन 825.56 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। बागपत 914.16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गन्ना उत्पादन करता है। मेरठ का औसत 888.68 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। सबसे दिलचस्प आंकड़े शामली जनपद के हैं। वर्ष 2023-24 में इस जनपद ने गन्ने की रिकार्ड पैदावार की थी जिसमें 1036.04 प्रति क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन हुआ था। 2024-25 में यह 1023.16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहा। वर्ष 2022-23 में 1025.12 औसत रहा। वर्ष 2019-20 में शामली का प्रति क्विंटल प्रति हेक्टेयर औसत 990.64 रहा और 2020-21 में 1004.28 रहा जबकि वर्ष 2021-22 में औसत उत्पादन 1014.16 रहा।
गन्ना उपायुक्त ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि पूर्वांचल के बस्ती जिले में औसत उत्पादन 711.64 प्रति क्विंटल प्रति हेक्टेयर, देवरिया में 688.64, बलिया में 684.08 और आजमगढ़ जनपद में 697.08 औसत रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी वर्ष में भी शामली का औसत प्रदेश में पहले स्थान पर ही रहेगा।
