गौरव सिंघल, सहरानपुर। जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी द्वारा जनपद में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। उन्होंने आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए लोक निर्माण विभाग एवं एनएचएआई को निर्देशित किया कि सभी कांवड़ मार्गों पर गड्ढामुक्ती, आवश्यक मरम्मत, सड़क सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं, संकेतक एवं अन्य आवश्यक कार्य समय से पूर्ण कराए जाएं। साथ ही अतिवृष्टि के दृष्टिगत पुराने एवं क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों पर चेतावनी सूचक बोर्ड लगाए जाएं तथा मार्गों के कटान एवं अन्य संभावित जोखिम वाले स्थलों पर आवश्यक सुरक्षात्मक एवं मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएं। देहरादून एक्सप्रेसवे पर अनाधिकृत व्यावसायिक होर्डिंग्स, ढाबों एवं अन्य अवैध अतिक्रमणों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही किए जाने हेतु संबंधित उपजिलाधिकारियों, एनएचएआई, पुलिस विभाग एवं जिला पंचायत को निर्देशित किया गया। मुख्य मार्गों पर अवैध रूप से खड़े वाहनों एवं अनधिकृत पार्किंग को हटाने हेतु पुलिस विभाग एवं परिवहन विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे तथा दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।
जनपद में संचालित अवैध बस स्टैण्डों, डग्गामार वाहनों, अवैध ई-रिक्शा एवं ई-ऑटो के विरुद्ध सघन प्रवर्तन अभियान चलाए जाने तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ किए जाने हेतु पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया। स्कूल वाहनों की फिटनेस एवं क्षमता नियंत्रण के तहत सभी विद्यालयों में संचालित बसों, वैनों एवं रिक्शाओं की नियमित फिटनेस जांच सुनिश्चित करने तथा निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए विशेष जांच अभियान संचालित करने पर बल दिया गया। प्रमुख मार्गों पर स्थित सभी अवैध कटों को तत्काल बंद कराने तथा सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए गए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। विगत तीन वर्षों के दुर्घटना आंकड़ों के आधार पर चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) संवेदनशील स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक सुधारात्मक उपायों को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किए जाने के निर्देश दिए गए। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों को निर्धारित स्थलों के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर अव्यवस्थित ढंग से खड़ा न किए जाने के निर्देश दिए गए। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रधानमंत्री राहत योजना (सड़क दुर्घटना सहायता योजना) का प्रभावी क्रियान्वयन के तहत बैठक में अवगत कराया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के उपरांत सात दिनों तक अधिकतम ₹1.50 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।


