अब साधारण डाक के संचालन पर भी होगी डिजिटल निगरानी, हो सकेगी ऑनलाइन ट्रैकिंग

शि.वा.ब्यूरो, अहमदाबाद। डाक विभाग से सामान्य डाक भेजने के बाद उसके गंतव्य तक पहुंचने को लेकर बनी रहने वाली चिंता अब नहीं रहेगी। अब साधारण (अनअकाउंटेबल) डाक भी ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी। इसके लिए साधारण डाक पर भी बारकोड लगाया जाएगा, इससे डाक कहां तक पहुंची, इसकी निगरानी संभव हो सकेगी। उक्त जानकारी पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग ने देशभर में डाक सेवाओं के आधुनिकीकरण एवं परिचालन दक्षता में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए साधारण डाक की बारकोड आधारित इंडक्शन एवं इनवॉइसिंग सुविधा को एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी 2.0 एप्लीकेशन में लागू किया है। उन्होंने बताया कि साधारण डाक विभाग के वार्षिक मेल ट्रैफिक का सर्वाधिक हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इनकी वार्षिक संख्या लगभग 90 करोड़ है तथा ये सार्वभौमिक डाक सेवाओं की रीढ़ हैं। उन्होंने बताया कि इस श्रेणी में चिट्ठियां, अखबार, पत्रिकाएं, सरकारी सूचनाएं और अन्य सामान्य डाक आती हैं। 
उन्होंने बताया कि अब तक इन डाक वस्तुओं का कोई डिजिटल रिकॉर्ड नहीं होने से इनकी ट्रैकिंग संभव नहीं थी। उन्होंने बताया कि इन साधारण डाक की संख्या का अनुमान वर्ष में दो बार सीमित अवधि के लिए की जाने वाली मैनुअल गणना के आधार पर लगाया जाता था। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया समय-साध्य होने के साथ-साथ कई बार पूर्णतः सटीक आंकड़े उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं थी। परिणामस्वरूप परिचालन योजना, संसाधन प्रबंधन तथा सेवा सुधार के लिए आवश्यक वास्तविक आंकड़ों की उपलब्धता में कठिनाई आती थी। उन्होंने बताया कि इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग द्वारा एपीटी एप्लीकेशन में प्रत्येक साधारण डाक का बारकोड आधारित इंडक्शन किया जाएगा तथा संबंधित वितरण डाकघरों में प्राप्त होने वाले प्रत्येक साधारण डाक को पोस्टमैन द्वारा डाक सेवा ऐप से वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे साधारण डाक के वितरण की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। इस प्रणाली से साधारण डाक की संख्या का वास्तविक एवं सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध होगा तथा डाक प्रवाह की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि नई व्यवस्था के अंतर्गत ज्यादा डाक भेजने वाले बल्क मेलर्स को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे डाक विभाग द्वारा आवंटित बारकोड श्रृंखला को सीधे साधारण डाक पर मुद्रित करें अथवा प्रस्तुतीकरण से पूर्व पूर्व-मुद्रित बारकोड चिपकाकर डाक जमा करें। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त बुकिंग संबंधी डेटा माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल प्रारूप में उपलब्ध कराएँ, ताकि साधारण डाक की इंडक्शन प्रक्रिया अधिक त्वरित, त्रुटिरहित एवं सुचारु रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने बताया कि इससे साधारण डाक की प्रोसेसिंग अधिक तेज, व्यवस्थित एवं पारदर्शी होगी तथा परिचालन प्रक्रिया में स्वचालन (ऑटोमेशन) को बढ़ावा मिलेगा।
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि बारकोड आधारित इंडक्शन एवं इनवॉइसिंग प्रणाली से डाक परिचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा साधारण डाक की आवाजाही की डिजिटल निगरानी सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त प्राप्त आंकड़ों के आधार पर संसाधनों एवं मानव श्रम की बेहतर योजना बनाना संभव होगा, जिससे कार्यकुशलता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली सेवा गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि को भी बेहतर बनाएगी तथा भविष्य की नीतियों, योजनाओं एवं परिचालन सुधारों के लिए विश्वसनीय डेटा उपलब्ध कराएगी, साथ ही यह पहल डाक विभाग के आधुनिकीकरण एवं डिजिटलीकरण के प्रयासों को नई गति प्रदान करते हुए देशभर में अधिक सक्षम, पारदर्शी और तकनीक-संचालित डाक सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।


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