गौरव सिंघल, सहारनपुर। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के महानिदेशक और मुख्य संरक्षक ने आज कहा कि इंडिया एक्सपो सेंटर ग्रेटर नोएडा में हस्तशिल्प उत्पादों का जो विश्व स्तरीय मेला लग रहा है उससे भारत की जीडीपी में इजाफा होगा और साथ ही देशभर के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में बैठे हमारे साठ लाख शिल्पकारों, बुनकरों को बड़े पैमाने पर रोजगार मुहैया होगा। इसमें 47 फीसद भागीदारी महिला शिल्पकारों की है।
राकेश कुमार ने कहा कि मंगलवार से पांच दिन के लिए लगने वाले इस दिल्ली बसंतकालीन मेले में 35 फीसद निर्माता और निर्यातक उत्तर प्रदेश के हैं। जिसमें सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी के फर्नीचर एवं गिफ्ट आइटम्स आदि की मांग और आकर्षण सबसे ज्यादा रहता है। अकेले सहारनपुर एवं मुरादाबाद के 50 निर्यातक मेले में हिस्सेदारी करेंगे। यह मेला 17 हालों में लगेगा और इसमें कालीन एवं रग टैक्सटाइल व लीलन, गिफ्ट आइटम्स, ज्वैलरी बैग, लैंप और प्रकाश उपकरण, किचन, बाथरूम की एक्सेसिरिज, गन्ना, बांस, कागज और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद एवं खिलौने आदि शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण मेले में चीन, जर्मनी, जापान, अमेरिका, अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया, इजराइल, ब्राजील, कनाड़ा, मिस्र, फ्रांस, इटली, इंग्लैंड, वियतनाम, रूस, सऊदी अरब, हांगकांग, हालैंड, स्पेन, स्वीडन आदि 100 देशों के विदेशी खरीददार भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों में रूचि दिखाएंगे। विदेशियों के अलावा भारत के अपने जैसे आदित्य बिड़ला फैशन, फैब इंडिया लिमिटेड, रिलायंस रिटेल, लाइफ स्टाइल इंटरनेशनल, आरचीज, बांबे स्वदेशी स्टोर्स समेत कई अन्य भी मेले में आएंगे। कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया कि इस वर्ष के मेले में कारोबार बढ़ने की संभावना है। पिछले वर्ष 2025-26 में हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33168 करोड़ रूपए (3754 मिलियन डालर) रहा था।
