गौरव सिंघल, देवबंद। जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि आज की राजनीति धर्म और संस्कृति का सही प्रतिनिधित्व नहीं कर पा रही है। वर्तमान राजनीति वास्तव में पाश्चात्य देशों से आई पॉलिटिक्स है, जिसे हिंदी में राजनीति का रूप दे दिया गया है। भारत की राजनीति राजाओं की नीति से जुड़ी थी, जिसमें राज्य और समाज की पूरक व्यवस्था निहित होती थी, लेकिन आज पॉलिटिक्स को ही राजनीति बनाकर प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसे सही अर्थों में परिभाषित करना भी कठिन है।
शाकंभरी जयंती पर सिद्धपीठ पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि आध्यात्म का कोई विकल्प नहीं है, मन की शांति केवल आध्यात्म से ही प्राप्त हो सकती है। भारत की विद्या और संस्कृति का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा, तभी देश आगे बढ़ेगा। जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का यहां हिंदू राष्ट्र निर्माण संघ के कार्यकर्ताओं ने अभिनंदन किया। इस दौरान जगतगुरु ने हिंदू समाज के लोगों से एकजुट रहने का आह्वान किया।
सिद्धपीठ शाकुंभरी देवी मंदिर प्रवास के दौरान जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज कुछ देर के लिए श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा के आवास पर रुके। वहां हिंदू राष्ट्र निर्माण संघ के संगठन मंत्री पंडित सतेंद्र शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन दुनिया का सबसे पुराना धर्म है। उन्होंने समाज से एकजुटता और गौ माता का संरक्षण करने का आह्वान किया। इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दुष्यंत राणा, जिला अध्यक्ष सचिन चौधरी, महानगर अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, अजय प्रजापति, राहुल पुंडीर, जसवंत राणा, डॉ. सुनील राणा, सर्वेश कुमार व रुद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।
